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गुरू अमरदास जी ने सामाजिक एकता और देश अखंडता के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया-श्रीमहन्त ज्ञानदेव सिंह


Haridwar:

गुरू अमरदास जी ने सामाजिक एकता और देश अखंडता के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया-श्रीमहन्त ज्ञानदेव सिंह
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ANIL BISHT / हरिद्वार । श्री निर्मल पीठाधीश्वर श्रीमहन्त ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि गुरू अमरदास जी ने सामाजिक एकता और देश अखंडता के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने समाज में व्याप्त छोटे.बड़े के भेद को मिटाकर सामाजिक एकता को अत्यधिक मजबूत किया। समाज में ऊंच.नीच, गरीब.अमीर के भेदभाव को समूल रूप से नष्ट करने के लिए गुरू अमरदास जी ने लंगर प्रथा की शुरूआत की।वे आज कनखल स्थित डेरा बाबा दरगाह सिंह तीजी पातशाही गुरू अमरदास गुरूद्वारे में गुरूजन स्मृति समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि गुरू अमरदास जी एक महान तपस्वीए अवतरित युगपुरूष व समाज सुधारक थे। इस अवसर पर महन्त साधु सिंह जी महाराजए महन्त जसविन्दर सिंह सौढ़ी समेत अन्य महन्तों का भावपूर्ण स्मरण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि गुरूनानक देव जी से लेकर गुरू गोविन्द सिंह जी ने समाज में फैली कूरीतियों को दूर किया और समाज को नई दिशा प्रदान की। गुरूओं के दिव्य प्रकाश ने हमेशा समाज को प्रकाशित किया।
अपर कुंभ मेलाधिकारी हरवीर सिंह ने कहा कि गुरूओं ने समाज में व्याप्त अंधकाररूपी अंधविश्वास को समाप्त कर समाज में दिव्य प्रकाश का संचार किया। उन्होंने कहा कि गुरूओं के विचार हमेशा प्रासंगिक रहेंगे।
महन्त बलवन्त सिंह ने कहा कि गुरू ही समाज को नई राह दिखाते हैं। गुरू के बिना ज्ञान संभव नही है। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद ने कहा कि सिखों के सभी दस गुरूओं ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। तीजी पातशाही गुरू अमरदास गुरूद्वारे के महन्त रंजय सिंह ने कहा कि गुरूओं ने राष्ट्र और धर्म रक्षा के लिए अहम कार्य किया। गुरूओं के बताये रास्ते पर चलकर ही पूरे विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है। बीबी विन्निन्दर कौर सौढ़ी ने कहा कि गुरू का दर्जा समाज में ईश्वर से भी बड़ा है, क्योंकि गुरू ही नर को नारायण से मिलाता है।
इस अवसर पर श्री निर्मल पंचायती अखाडे़ के कोठारी महन्त जसविन्दर सिंह शास्त्री, निर्मल संतपुरा के परमाध्यक्ष महन्त जगजीत सिंह, श्री उदासीन पंचायती बड़ा अखाड़ा के महन्त प्रेमदास महाराज, महन्त बाबा हठयोगी, महन्त दुर्गादास, नगर निगम की महापौर अनीता शर्मा, नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, भजनगढ़ आश्रम के महन्त मोहन सिंह, महन्त सोहन सिंह, बैरागी दिगम्बर अखाड़े के महन्त रघुवीर दास, महन्त अमनदीप, महन्त खेम सिंह आदि मौजूद थे।

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