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शहरवासी डेंगू की चपेट में ,सरकार और प्रशासन दोनों पर ही खड़े हो रहे हैं सवालिया निशान !


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Haridwar:

शहरवासी डेंगू की चपेट में ,सरकार और प्रशासन दोनों पर ही खड़े हो रहे हैं सवालिया निशान !
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हरिद्वार। शहर में डेंगू के मामले लगातार बढ़ते नजर आ रहे हैं। कनखल क्षेत्रान्तर्गत डेंगू से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। शहरवासी बरसाती मौसम में डेंगू की चपेट में हैं। आलम यह है कि जिस स्वास्थ्य विभाग पर लोगों को इस बीमारी से बचाने की जिम्मेदारी है, उसी स्वास्थ्य विभाग के पास डेंगू के मरीजों के सही आंकड़ों की जानकारी ही नहीं हैं। शहर के कई क्षेत्रों सहित कनखल क्षेत्र में दर्जनों लोग डेंगू की चपेट में हैं। कनखल की हिमगिरी कालोनी , कृष्णा फार्मेसी वाली गली सहित कई मौहल्लों में रहने वाले परिवार के अधिकांश सदस्य डेंगू की चपेट में हैं। सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था बदहाल होने की वजह से उनका उपचार या तो प्राईवेट अस्पतालों में चल रहा हैं या फिर डेंगू से पीड़ित मरीज चिकित्सक के परामर्श के अनुसार घर पर ही डेंगू का उपचार करा रहे हैं। इतना ही नहीं शहर में आमजन के साथ-साथ खास भी डेंगू की चपेट में हैं। स्थानीय लोगों में नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग के उदासीन रवैये के प्रति खासा आक्रोश दिखाई दे रहा हैं। लोगों का कहना हैं क्षेत्र में डेंगू का कहर जारी हैं, मगर नगर निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि दोनों ही लोगों के स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह बने हुए हैं। वार्ड 30 के महिपाल व वार्ड 31 में हिमगिरी निवासी डेंगू से पीड़ित सचिन का कहना हैं क्षेत्रों में फाॅगिंग तक नहीं हो रही हैं। छोटी-छोटी बातों को लेकर हो हल्ले की राजनीति करने वाले जनप्रतिनिधि क्षेत्र से नदारद हैं। डेंगू के लार्वा को खत्म करने में जुटी स्वास्थ्य विभाग टीम का भी कहीं कोई अता-पता नहीं हैं। शहर में डेंगू के मरीज दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं जिसके चलते लोगों में डेंगू का खासा खौफ हैं। एक ओर जहां डेंगू से निपटना स्वास्थ्य विभाग के लिए खासी चुनौती बना हुआ है तो वहीं दूसरी ओर डेंगू के मरीजों पूर्ण रूप से सरकारी अस्पतालों में इलाज न होना स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा हैं। हालांकि प्रशासन लगातार दावे कर रहा है कि डेंगू की रोकथाम के लिए लगातार कोशिश की जा रही है,लेकिन डेंगू के बढ़ते मामलों के कारण टीएसआर सरकार व स्वास्थ्य विभाग के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। शुरूआती दौर से ही प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगातार सरकारी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के बड़े- बड़े दावे किए जा रहे है और बकायदा इसके लिए प्रदेश के सभी सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को इस संबंध में पहले ही अलर्ट किया जा चुका है। बावजूद उसके मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही हैं। बता दें कि हर साल बारिश का मौसम आते ही डेंगू पैर पसारना शुरू कर देता है। इस दौरान यहां डेंगू का प्रकोप इतना तेज होता है कि सरकार के सारे इंतजाम धरे रह जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग और नगर प्रशासन ने अपील की है कि लोग घरों के आस-पास बारिश के इकट्ठा पानी पर ध्यान दें और डेंगू नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना दें, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि घरों में मौजूद कूलर, गमलों व टायर इत्यादि में किसी भी हालत में पानी न जमने दें। यहां यह भी खास हैं कि सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत खुद ही स्वास्थ्य विभाग संभाल रहे हैं, ऐसे में सरकार और प्रशासन दोनों पर ही सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना हैं कि जब सरकार तमाम कोशिशों के दावे कर रही हैं तो डेंगू का डंक काबू में आने का नाम क्यूं नहीं ले रहा हैं। -यूएस.न्यूज

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