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यौन शोषण के आरोप के मामले में घिरे स्वामी चिन्मयानन्द ! स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण का क्या है मामला -


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Haridwar:

यौन शोषण के आरोप के मामले में घिरे स्वामी चिन्मयानन्द ! स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण का क्या है मामला ?
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उत्तराखण्ड/ हरिद्वार। शाहजहांपुर के एसएस लाॅ काॅलेज की एक छात्रा ने पूर्व गृह राज्यमंत्री और बीजेपी नेता चिन्मयानंद पर शोषण समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे। छात्रा ने वीडियो जारी कर कहा था, ‘मैं एसएस लाॅ काॅलेज में पढ़ती हूं। बीजेपी नेता चिन्मयानंद ने बहुत लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर चुका है। मुझे और मेरे परिवार को भी जान से मारने की धमकी देता है। मैं इस टाइम कैसे रह रही हूं, मुझे ही पता है। मोदी और योगी जी मेरी हेल्प करिए आप। वह संन्यासी, पुलिस और डीएम सबको अपनी जेब में रखता है। धमकी देता है कि कोई मेरा कुछ नहीं कर सकता।जिसके बाद सेे छात्रा अचानक से गायब हो गई थी। यूपी पुलिस ने लापता लड़की को खोजने के लिए सात टीमें बनाईं थीं। जिसके बाद छात्रा को काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने राजस्थान के जयपुर से बरामद किया था। शाहजहांपुर में लाॅ की छात्रा ने बीजेपी नेता स्वामी चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया। इस मामले में जब स्वामी का नाम आया तो उनके अधिवक्ता ओम सिंह उनके बचाव में आए और मीडिया में दिए बयान में उनका कहना था कि कि स्वामी को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। इस मामले में लड़की पीड़िता नहीं है, बल्कि स्वामी पीड़ित हैं। स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ने इस दौरान छात्रा के द्वारा स्वामी चिन्मयानंद पर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया । दरअसल पिछले हफ्ते ही एक छात्रा ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो वायरल किया था, जिसमें उसने स्वामी पर गंभीर आरोप लागये थे । इसके साथ ही छात्रा ने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मदद भी मांगी थी।बता दें कि पुलिस ने पहले पीड़िता के परिवार की रिपोर्ट नहीं दर्ज की थी। मगर मीडिया में खबर आने के बाद इस मामले को सीधे डीजीपी ने अपनी संज्ञान में लिया और कहा कि किसी के साथ अगर कुछ गलत हुआ तो उसे इंसाफ मिलेगा।
पूर्व में भी लग चुका हैं शोषण का आरोप-
बीजेपी के नेता और पूर्व गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद छात्रा द्वारा लगाए जा रहे यौन शोषण के आरोपो के बाद से एक बार फिर से विवाद में आ गए हैं। फिलहाल इस मामले में केस दर्ज पुलिस जांच में जुटी है। इससे पूर्व उनकी शिष्या ने उन पर शोषण का आरोप लगाया था ।सूत्रों कि मानें तो बंदायू निवासी युवती पूर्व गृह राज्य मंत्री स्वामी का की शिष्या रही हैं। विगत वर्षो स्वामी चिन्मयानंद अपनी शिष्या के मामले में खासी सुर्खियां में रह चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक स्वामी ने हरिपुरकलां थाना रायवाला क्षेत्र स्थित अपार्टमेंट में अपनी शिष्या को एक फ्लैट भी दिलाया था। ेूंआपको बता दें कि स्वामी चिन्मयानंद पर उन्हीं एक शिष्या द्वारा बलात्कार और हत्या के प्रयास के आरोप लग चुके हैं। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में स्वामी चिन्मयानन्द के विरुद्ध उनकी एक शिष्या ने कथित बलात्कार एवं हत्या के प्रयास के आरोप की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसारए वर्ष 2001 से वह राजनीतिक और आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित करने के लिए स्वामी चिन्मयानंद के दिल्ली आवास पर रह रही थी और उनके साथ अनेक स्थानों की यात्रा कर चुकी है। शिष्या ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2005 में स्वामी चिन्मयानन्द के निर्देश पर उन्हें आश्रम लाया गया जहां उन्होंने नशीला पदार्थ खिलाकर उसका यौन शोषण किया और इसकी वीडियो फिल्म बना ली, जिसके बल पर उसे ब्लैकमेल किया गया और दो बार उसे जबरन गर्भपात भी कराना पड़ा। उस दौरान स्वामी चिन्मयानन्द ने उनके विरुद्ध लगे आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया था। 2018 में योगी सरकार ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्घ्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज रेप और अपहरण केस वापस लेने का फैसला किया था। स्वामी चिन्मयानंद पर साल नवंबर 2011 को शाहजहांपुर में एफआईआर दर्ज हुई थी। अपहरण और रेप का आरोप उनके ही आश्रम में कई वर्षों तक रहने वाली एक युवती ने लगाया था। केस वापस लिए जाने के बाद पीड़िता ने मीडिया में बयान दिया था कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर बलात्कार के मामले में योगी सरकार पर इलजाम लगाते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करीबी रिश्ते के चलते चिन्मयानंद पर दर्ज केस वापस लिया जा रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके नाम से चिन्मयानंद ने फर्जी हलफनामा भी कोर्ट में पेश किया है। बता दें कि उस दौरान पीड़िता स्वामी चिन्मयानंद की पूर्व सहयोगी और साध्वी रह चुकी पीड़िता ने एडीजी को शिकायत भेजकर मुकदमा वापसी का विरोध करते हुए कार्रवाई की मांग की थी । एडीजी को भेजे पत्र में पीड़िता ने कहा था कि उसने 30 नवंबर 2011 को शाहजहांपुर कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म आदि धाराओं में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने केस की विवेचना के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए चिन्मयानंद उच्च न्यायालय चले गए ।2012 में उच्च न्यायालय ने स्टे आॅर्डर देते हुए जिला न्यायालय की कार्रवाई पर रोक लगा दी। स्टे आॅर्डर खत्म होने के बाद सरकार ने मुकदमा वापस लेने का फैसला ले लिया । इसी बीच पीड़िता ने न्यायालय में इस बाबत आपत्ति दर्ज कर वारंट जारी करने की मांग की थी । फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन बताया जा रहा हैं।
छात्रा के आरोपों की एसआईटी से यूपी सरकार कराए जांच - सुप्रीम कोर्ट
बीजेपी नेता स्वामी चिन्मयानन्द पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली पीड़ित लड़की के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी सरकार को निर्देश दिया है कि वह यौन शोषण के आरोप की जांच के लिए एसआईटी का गठन करे। बीजेपी नेता चिन्मयानंद पर लॉ की छात्रा द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच होगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को आदेश दिया कि वह एसआईटी का गठन करे और चिन्मयानंद पर छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करे। कोर्ट ने आगे कहा कि चिन्मयानंद पर लगाए गए छात्रा के आरोपों की जांच की निगरानी इलाहाबाद हाईकोर्ट करे। कोर्ट ने यूपी के मुख्य सचिव को निर्देश दिए किए अगले आदेश तक छात्रा और उसके परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए। बताते चलें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान योगी सरकार को छात्रा को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। जिसके बाद छात्रा को कोर्ट में पेश किया गयाए जहां छात्रा ने कहा था कि वह घर वापस जाना नहीं चाहती है और उसके परिजनों को भी दिल्ली बुला लिया जाए। इस पर कोर्ट ने कहा कि छात्रा को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
एसआईटी जांच के आदेशों के बाद स्वामी चिन्मयानंद ने दिया बयान -
सुप्रीम कोर्ट के एसआईटी जांच निर्देशों के बाद दैनिक समाचार पत्र में दिए बयान में स्वामी चिन्मयानंद ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उनके ऊपर लगाए गए आरोपों की स्थिति और उनसे 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगे जाने के मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। चिन्मयानंद ने कहा कि जो कुछ भी हुआ वह ठीक नहीं हुआ।
कांग्रेस ने घेरा-
पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर लगे यौन शोषण का का मामला तूल पकड़ता जा रहा है इस मामले में विपक्ष दल ने भी मोर्चा खोल दिया है। बीेते सप्ताह जहां कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने बीजेपी को घेरा वही सुप्रीम कोर्ट में वकीलों के समूह ने याचिका दायर की । इतना ही नहीं मामला सत्ता दल से जुड़ा होने के कारण इस मामले में पुलिसिया जांच पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर लिखा था कि ‘उत्तर प्रदेश में ये उन्नाव मामले जैसा ही दोहरता हुआ लग रहा है अगर कोई महिला भाजपा नेता के खिलाफ शिकायत करती है तो उसको न्याय मिलना दूर की बात, उसकी खुद की सुरक्षा की भी गारंटी नहीं रहती ।
कौन हैं स्वामी चिन्मयानंद ? -
शारीरिक शोषण के आरोपों का सामना कर रहे स्वामी चिन्मयानंद की संत समाज से लेकर राजनीति तक में अच्छी पकड़ रही है। धर्मनगरी भोपतवाला हरिद्वार क्षेत्र में भी स्वामी चिन्मयानंद का गंगा किनारे आश्रम हैं। तीन बार सांसद और केंद्र में गृह राज्य मंत्री रहने के अलावा स्वामी चिन्मयानंद राम मंदिर आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं। स्घ्वामी चिन्मयानंद उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री हासिल की है। पूर्व सांसद स्वामी चिन्मयानंद अविवाहित हैं और कई धार्मिक किताबें भी लिख चुके हैं। बताया जाता है कि अस्सी के दशक में वह शाहजहांपुर आ गए और स्वामी धर्मानंद के शिष्य बन कर उन्हीं के मुमुक्षु आश्रम में रहने लगे। स्वामी धर्मानंद के बाद स्वामी चिन्मयानंद ने इस आश्रम और उससे जुड़े संस्थानों का प्रबंधन संभाला। यह आश्रम कई शिक्षण संस्थाओं को चलाता है। वह राम मंदिर आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं। स्वामी चिन्मयानंद बदायूंए मछली शहर और जौनपुर सीट से सांसद रह चुके हैं। वर्ष 1999 में वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में गृह राज्यमंत्री बनाए गए थे।
चिन्मयानंद की ओर से कराई गई एफआईआर-
स्वामी चिन्मयानंद की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा हैं कि उनके वकील की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसमें कहा गया है कि चिन्मयानंद सरस्वती को ब्लैक मेल पांच करोड़ रुपये मांगे गए हैंण् ये रकम स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के व्हाटसएप नंबर पर मैसेज कर मांगी गई। वकील ने शाहजहांपुर चैक कोतवाली में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया र्है। वकील ओम सिंह ने बताया कि मैसेज में किसी अज्ञात व्यक्ति ने 5 करोड़ रुपये की मांग की है, साथ ही धमकी दी गई कि उसके पास जो वीडियो हैंए उसे वह वायरल कर देगा’ इससे तुम्हारी छवि खराब हो जाएगी ओम सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में आशंका जताई है कि आपराधिक षड़यंत्र के तहत कुछ लोगों द्वारा धन उगाही तथा चरित्र हनन का प्रयास किया जा रहा है। डर का माहौल पैदा कर शैक्षणिक संस्थान को बदनाम करने की कोशिश की जा रही हैं।
अब देखना यह हैं कि एसआईटी निष्पक्ष क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच कर पाऐगी? क्यूंकि स्वामी चिन्मयानंद की गिनती बीजेपी के बड़े कद्दावर नेताओं में हैं। और स्वामी के विरूद्ध उनकी शिष्या द्वारा दर्ज किए गए रेप और हत्या के प्रयास के केस को योगी सरकार मामला वापस लेने का निर्णय ले चुकी हैं। क्या सरकार और स्वामी को न्याय प्रणाली पर भरोसा नहीं रह गया हैं? या फिर स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तारी का डर सता रहा था? ऐसे में लाॅ की छात्रा के आरोपों के मामले की जांच की राह एसआईटी के लिए भी आसान नहीं दिख रही हैं? चिन्मयानंद व पीड़ित छात्रा के आरोपों में कितनी सच्चाई हैं बरहाल सच क्या हैं? यह तो जांच के बाद ही सामने आ पाऐगा।
-यूएस न्यूज

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