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बाजार में खुलेआम ठेलों पर बिक रहा हैं ढाई रूपए का जानलेवा नशे का टाॅफी पाउच ‘महाकाल’


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Haridwar:

बाजार में खुलेआम ठेलों पर बिक रहा हैं ढाई रूपए का जानलेवा नशे का टाॅफी पाउच ‘महाकाल’
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हरिद्वार। युवा हमारे देश का भविष्य है, लेकिन यह कड़वा सच हैं कि नशा इस भविष्य चैपट कर रहा है। नशा एक ऐसी समस्या हैए जिससे नशा करने वाले के साथ साथ उसका परिवार भी बर्बाद हो जाता है। परिवार बर्बाद होगा तो इसका असर कहीं न कहीं समाज और देश पर भी पड़ेगा । पहले नशा चोरी छिपे गली -मौहल्लों में बेचे जाने तक सीमित था। अब आलम यह हैं कि सड़कों पर पान गुटखें की टेलियों पर नशा खुलेआम बिक रहा हैं और वो भी टाॅफी के पाउच में । बाजार में टाॅफी पाउच में ढाई रूपए में मिलने वाला नशा स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक व किस कदर जानलेवा हैं। इस बात की जानकारी न तो इसे बेचने वाले को हैं और न ही इसे इस्तेमाल करने वाले को। इसका सेवन करने वालों कि मानें तो इस नशें का जैसा नाम रखा गया हैं वैसा ही असर भी हैं। हलांकि नशा किसी भी प्रकार का हो वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ही होता हैं। परन्तु , फर्क इतना जरूर हैं कि किसी भी नशा का सेवन करने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य पर कुछ मादक पदार्थो का बुरा असर जल्दी होता हैं और कुछ का देरी से दिखाई पड़ता हैं। चरस ,शराब , गांजा , स्मैक ,अफीम तो धर्मनगरी में धड़ल्ले से बिक ही रहा हैं लेकिन इन मादक पदार्थो की श्रृंखला में यह ढाई रूपए का महाकाल नाम का नशे का पाउच और जुड़ गया हैं। बेरोकटोक सड़कों पर लगे ठेलों पर मादक पदार्थ पाउच का बिकना, समाज में नशे की मजबूत होती जड़ों की तरफ इशारा करता हैं। नशेबाज इंसान अपने परिवार से ज्यादा अपने नशे को तवज्जो देते है, जिससे परिवार टूट जाते हैं। नशाखोरी, आज के समय में परिवार बिखरने की सबसे बड़ी वजह है। नशे के चलते बिगड़ते महौल का असर बच्चों पर भी होता है। बच्चे बड़े होकर अपने बड़ों की तरह ही काम करते है, और नशा को अपना लेते है। नशा एक सामाजिक बुराई है। इसमें सबसे बड़ी चिंता का विषय यह हैं कि युवा वर्ग के साथ साथ नशे की लत में कम उम्र के बच्चे भी शामिल हैं। बढ़ रही नशे की प्रवृति चिंता का विषय है। यदि नशे के बढ़ते प्रचलन को अभी नहीं रोका गया तो आने वाली पीढियां नशे की गर्त में समा कर नष्ट हो जाएगी। सरकार और सिस्टम की लापरवाही की हदें पार हो चुकी हैं जिसके कारण नशा तस्करों के हौंसले बुलन्दी पर हैं और इसलिए मादक पदार्थ को खुलेआम व बेखौफ बेचा जा रहा हैं। विडम्बना देखिए कि जिस सरकार को नशे के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाना चाहिए वो ही सरकार, प्रदेश में भांग की खेती के लिए जोर अजमाईश कर रही हैं। -यूएस.न्यूज

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