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नगर में बिना लाइसेंस के संचालित किए जा रहे हैं मेडीकल स्टोर्स , विभागीय अधिकारियों का उदासीन रवैया !


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Haridwar:

नगर में बिना लाइसेंस के संचालित किए जा रहे हैं मेडीकल स्टोर्स , विभागीय अधिकारियों का उदासीन रवैया !
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हरिद्वार। नगर में अधिकांश दवाखाने दूसरे किसी व्यक्ति के नाम के लाइसेंस का उपयोग कर संचालित किए जा रहे हैं। इसके लिए जिस व्यक्ति के नाम पर लाइसेंस होता हैं उससे मासिक या सालाना के आधार पर लाइसेंस के लिए लेनदेन होता है। बताते चलें कि एक लाइसेंस पर चार-चार दुकानें और बिना फार्मासिस्ट के ही दवा विक्रय करने पर कोई रोक नहीं लग पा रही है। इन दवाखानों पर प्रतिबंधित दवाए भी खुलेआम बेची जा रही हैं। जिन्हंे कि डाक्टर के पर्चे के बगैर नहीं बेचा जा सकता हैं। वे दवाएं भी ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक बगैर लाइसेंस के संचालित मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। जिसकी पुष्टि हाल ही में रूड़की में हुई छापेमारी की कारवाई के दौरान पकड़ी गई प्रतिबंधित दवाईयांे से हुई हैं। यदा - कदा छापेमारी की कारवाई कर विभागीय अधिकारी कर्तव्यता की खानापूर्ति कर लेते हैं। जबकि अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर्स व प्रतिबंधित दवाईयों की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर्स पर अंकुश लगाने के लिए विभागीय टीम को लगातार मुहिम चलाने की अवश्यकता हैं। इनमें से कई मेडिकल स्टोर्स ऐसे भी हैं, जो बिना फार्मासिस्ट के ही संचालित किए जा रहे हैं, तो कुछ मेडिकल ऐसे हैं , जो बिना लाइसेंस के चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी भनक लंबे समय से है, फिर भी सब कुछ जानते हुए उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। नगर में छोटे-बड़े दर्जनों मेडिकल स्टोर्स हैं। कहने को तो मेडिकल स्टोर्स के संचालन के लिए डिग्री / डिप्लोमा के आधार पर लाइसेंस जारी किए जाते हैं। लेकिन अगर देखा जाए तो धरातल पर वास्तविकता इससे परे है। क्षेत्रों में मेडिकल व्यापारी नियमों को ताक में रखते हुए मेडिकल दुकानों का संचालन कर रहे हैं। बिना लाइसेंस / फार्मासिस्ट के बाजार में दवाखानों पर दवाई बिक्री का व्यवसाय का बेरोकटोक किया जा रहा है। वहीं खास बात तो यह है कि सालों से ऐसे भी मेडिकल स्टोर्स हैं जिनका लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं किया गया है। जानकर हैरानी होगी कि मेडिकल स्टोर्स स्वामी को दवाखाना चलाने के लिए डिग्रीधारक का लाईसेंस तीन हजार से पांच हजार रुपए महीने में आसानी से उपलब्ध हो जाता है। कार्रवाई नहीं होने से ऐसे मेडिकल स्टोर्स संचालकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। नगर में संचालित आयुर्वेदिक व यूनानी ड्रग स्टोर के पास न तो लाइसेंस न ही दवा का वितरण करने वाले निर्धारित योग्यता रखते हैं। इससे आयुर्वेद एवं ड्रग लाइसेंसिंग आॅथोरिटी विभाग आमजन की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जबकि नियम के अनुसार एलोपैथिक की तर्ज पर आयुर्वेद दवाएं भी डिप्लोमाधारक या फार्मासिस्ट के अधीन ही बेची जानी चाहिए। इतना ही नहीं अधिकांश मेडिकल स्टोर स्वामियों ने अयोग्य व्यक्तियों को मेडिकल दुकान संभालने की जिम्मेदारी दे रखी हैं । जिसे दवाइयों की जानकारी तक नहीं रहती है। विभाग हैं कि इन मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। गैर डिप्लोमा, डिग्री धारी द्वारा मेडिकलों का संचालन किए जाने से मरीजों की जान को खतरा रहता है। दवाइयों की सही जानकारी नहीं होने से मरीजों को गलत दवाइयां दी जा सकती है। ऐसे में मरीजों की जान पर बन जाती हैए लेकिन कार्रवाई के अभाव में यह गोरखधंधा खूब फल-फूल रहा है। जबकि नियमनुसार मेडिकल स्टोर या फार्मेसी का रिटेल बिजनेस शुरू करने के लिए ड्रग लाइसेंस लेना अनिवार्य है। जब तक रिटेलर के पास ड्रग लाइसेंस नहीं होगा तब-तक वह फार्मेसी आॅपरेट नहीं कर सकते हैं। ड्रग एंड काॅस्मेटिक एक्ट 1940 द्वारा ये नियम आॅल ओवर इंडिया अनिवार्य कर दिया गया है। इतना ही नहीं अगर कोई ड्रग का रिटेल बिजनेस यानि मेडिकल स्टोर 1 से ज्यादा शहर में खोलनी है तो हर उस शहर के लिए लाइसेंस लेना होगा जहाँ आप शाॅप खोलना चाह रहे हैं। इसके अलावा अगर आपकी केमिस्ट शाॅप एक ही शहर में एक से ज्यादा जगहों पर है तो उन दोनों जगहों के लिए आपको अलग-अलग एप्लिकेशन देकर लाइसेंस जारी कराना होगा। ताजा मामला नगर कोतवाली हरिद्वार के सामने का हैं जहां मेडिकल स्टोर मालिक के पास न तो मेडिकल स्टोर चलाने के लिए विभाग से ही अनुमति ली गई हैं और न हीं कोई फर्मासिस्ट हैं , और न ही उससे संबंधी कोई लाइसेंस । सभी नियमों को ताक पर रख अवैध रूप से मेडिकल स्टोर संचालित किया जा रहा हैं। स्थानीय व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से चल रहे इस मेडिकल स्टोर के खिलाफ एक शिकायती पत्र संबंधित विभागीय अधिकारी को भेजा गया हैं। बताया जा रहा हैं कि इस शिकायती पत्र के साथ स्टोर पर बेची जा रही अंग्रेजी दवाईयों के रैपर भी संबंधित अधिकारी को भेजे गए हैं। मेडिकल स्टोर स्वामी ने बिना लाइसेंस व नियमों की अवहेलना कर एक मेडिकल स्टोर नगर कोतवाली के समीप व दूसरा ललताराव पुल के पास खोल दिया हैं। सूत्रानुसार दोनों मेडिकल स्टोर बिना किसी लाईसेंस के धड़ल्लें से चल रहे हैं। वहीं जब ड्रग इंस्पेक्टर सी.पी.नेगी से इस संबंध में जानकारी के लिए फोन मिलाया गया तो कोई जवाब नही मिला और उनका फोन स्वीच आॅफ आता रहा । - यूएस. न्यूज

 
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