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केबल संचालकों की आपसी रार , उपभोक्ताओं पर पड़ रही दोहरी मार!


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Haridwar:

केबल संचालकों की आपसी रार , उपभोक्ताओं पर पड़ रही दोहरी मार!
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हरिद्वार /कनखल । शहर में लोगों के मनोरंजन में अहम भूमिका निभाने वाले टीवी को लेकर इन दिनों उपभोक्ता खासे परेशान हैं। कनखल के एक क्षेत्र में दो केबल संचालकों की आपसी रार में उपभोक्ताओं की सेटअप बाॅक्स बदलने के फरमान से जेब और टीवी प्रोग्राम ठप्प होने के चलते दोहरी मार झेल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार रार की वजह लम्बे समय से कनखल क्षेत्र में सेवा दे रहे केबल कंपनी संचालक के एरिया में दूसरी केबल कंपनी संचालक का एन्ट्री किया जाना हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना हैं क्षेत्रीय केबल आॅपरेटर ने पहले वाले केबल संचालक का साथ छोड़कर दूसरे केबल कंपनी संचालक के साथ हो लिया हैं। अब वह दूसर्री केबल कंपनी के सेटअप बाॅक्स लगवाने के लिए 1000(एक हजार) रूपए की मांग कर रहा हैं। जबकि गत वर्ष पूर्व ही 2000 (दो हजार ) रूपए देकर घरों में सेटअप बाॅक्स आॅपरेटर द्वारा लगाया गया था। अब नये सेटअप बाॅक्स का पैसा देना होगा। जिस कारण क्षेत्र के लोगों के टीवी बंद हैं और घरों के टीवी शो पीस बन गए हैं। इधर, केबल ऑपरेटर भी उपभोक्ताओं को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पा रहे हैं। महिलाएं और बच्चे अपने.अपने मनपंसद चैनल भी नहीं देख पा रहे हैं। बुजुर्ग भी न्यूज चैनल से वंचित है। अब उपभोक्ता अपने.अपने टीवी चैनल शुरू कराने के लिए केबल आॅपरेटरों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। अनेक उपभोक्ताओं का आरोप है कि चैनलों के पैसे भरने के बाद भी आॅपरेटर उनके चैनल शुरू नहीं कर पा रहे हैं। नगर क्षेत्र में केबल आॅपरेटर मनमाने ढंग से काम कर रहा है। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं से वसूले जा रहे मासिक बिल की उन्हें कोई रसीद नहीं दी जा रही है। नए नियमों का हवाला देकर ग्राहकों को खुद के बनाए पैकेज आॅफर कर रहे हैं। इनमें दाम तो ठीक हैंए लेकिन पे चैनल के दाम पर बेकार चैनल डाल दिए गए हैं। ग्राहकों को अपनी पसंद का पैकेज बनाने का विकल्प किसी भी आॅपरेटर ने नहीं दिया है। वे इसके लिए साॅफ्टवेयर का हवाला दे रहे हैं। नगर क्षेत्र के समस्त विद्युत खंबों पर बिछाई गई केबल की तार भी हादसों को न्यौता दे रही हैं। लेकिन, उसके बावजूद, केबल आॅपरेटर विद्युत खंबों पर झूलती केबल को लेकर न तो खुद ही संजीदा हैं और ना ही यूपीसीएल ही इन अवैध रूप से विद्युत खंबोें पर बिछाए गए केबल के जाल को लेकर कोई कारवाई करता नजर आ रहा हैं। 

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