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कांग्रेसी पार्षदों सहित 6 ने थामा बीजेपी का दामन , कैबिनेट मंत्री ने दिलाई बीजेपी की सदस्यता


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Haridwar:

कांग्रेसी पार्षदों सहित 6 ने थामा बीजेपी का दामन , कैबिनेट मंत्री ने दिलाई बीजेपी की सदस्यता
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हरिद्वार। नगर निगम की राजनीति में एक बार फिर से दल बदल की राजनीति का आगाज हो गया हैं। दो कांग्रेसी पार्षदों व तीन निर्दलीय पार्षदों को मिलाकर कुल पांच पार्षदों व एक पार्षद प्रतिनिधि को कैबिनेट मंत्री ने भाजपा ज्वाईन कराई । कांग्रेसी व निर्दलीय पार्षदों का कांग्रेस छोड़ भाजपा की सदस्यता लिया जाना पार्टी के लिए करारा झटका माना जा रहा हैं। निगम की राजनीति में काफी दिनों से इस बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म था, लेकिन किसी भी कांग्रेसी नेता को इस बात की खबर कानों कान खबर नहीं लगी कांग्रेस के पार्षद भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं जल्द ही बीजेपी में शामिल हो जाऐंगे। इतना ही नहीं कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए पार्षदों के भाजपा ज्वाईन कर लेने के बाद तक कांग्रेसी नेताओं को पार्षदों का भाजपा में शामिल होने की बात का इल्म तक नहीं हैं। पार्टी नेताओं की संवादहीन, संपर्कहीन व आपसी गुटबाजी के चलते कांग्रेस हाशिए पर हैं। फिलहाल कांग्रेसी पार्षद के भाजपा में शामिल होने से मेयर खेमे में मायूसी का महौल हैं तो वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस छोड़कर व निर्दलीय पार्षदों द्वारा भाजपा में शामिल होने पर खुशी जाहिर की हैं। अटकलें हैं कि आने वाले दिनों में कई और कांग्रेसी पार्षद बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
कांग्रेस छोड़ भाजपा की सदस्यता लेने वाले वार्ड नम्बर 30 के पार्षद सचिन अग्रवाल का कहना हैं कि उनके पार्टी छोड़ने का कारण मेयर पति अशोक शर्मा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लीडरशिप में कोई हमारी सुन ही नहीं रहा था। उनकी हठधर्मिता के कारण ही उन्होंने पार्टी छोड़ी हैं। आगे सचिन अग्रवाल का आरोप हैं कि कई बार उनके कहने के बावजूद क्षेत्र के विकास के लिए मेयर द्वारा बोर्ड बैठकों में कोई प्रस्ताव तक नहीं रखा गया। वार्ड नम्बर 05 के निर्दलीय पार्षद अनिल वशिष्ठ ने कहा कि कांग्रेस मेयर हमें और हमारे क्षेत्र में होने वाले कार्यो को तवज्जों नहीं दे रही थी। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र के विकास कार्यो, साफ-सफाई, पथ प्रकाश की व्यवस्था का दायित्व हमारा हैं। लेकिन मेयर हमारी बातें और क्षेत्र की समस्याओं को अनसुना कर रही थी। किसी तरह का कोई सहयोग मेयर की ओर से नहीं किया जा रहा था। वशिष्ठ का कहना हैं कि कैबिनेट मंत्री द्वारा उनके क्षेत्र में विकास कार्य कराए गए हैं। उधर पूर्व विधायक व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अमरीश कुमार का कहना हैं कि उन्हें इस विषय पर जानकारी नहीं हैं। आगे उन्होंने कहा कि सबका अपना-अपना अधिकार हैं। लेकिन यह नैतिक नहीं हैं। अमरीश कुमार ने कहा कि जिस पार्टी से टिकट लेकर पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ा हैं उसके बाद दल बदल करना अनैतिक हैं। आगे उन्होंने कहा कि भाजपा दिल्ली से लेकर हरिद्वार तक जो संस्था को तोड़ रही हैं,अनैतिकता को बढ़ावा दे रही हैं, दल-बदल को बढवा दे रही हैं यह लोक तंत्र के लिए शुभ नहीं हैं। वहीं मेयर पति व कांग्रेसी नेता व नगर पालिका के पूर्व सभासद अशोक शर्मा का कहना हैं कि किसी के लिए क्या कहा जा सकता हैं। लेकिन दल बदल करना चुने गए जनप्रतिधि द्वारा जनता के विश्वास को धोखा दिया जाना हैं। -यूएस न्यूज

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